फेसबुक लाइव के जरिए अब देख पाएंगे देश के विभिन्न कलाकारों की अनोखी प्रस्तुति |

काशी में विश्व विख्यात संकट मोचन मंदिर परिसर में  होने वाले  97वें संकट मोचन संगीत समारोह का शुभारंभ रविवार को हुआ। बता दें कि समारोह 97वें संगीत समारोह तो है ही लेकिन साथ ही डिजिटल संस्करण का पहला समारोह भी बना जिसे फेसबुक लाइव के माध्यम से समारोह के पहले दिन ही गायन वादन और नृत्य के डिजिटल संगम संकटमोचन मंदिर परिसर में होता दिखाई दिया।

काशी में विश्व विख्यात संकट मोचन मंदिर परिसर में  होने वाले  97वें संकट मोचन संगीत समारोह का शुभारंभ रविवार को हुआ। बता दें कि समारोह 97वें संगीत समारोह तो है ही लेकिन साथ ही डिजिटल संस्करण का पहला समारोह भी बना जिसे फेसबुक लाइव के माध्यम से समारोह के पहले दिन ही गायन वादन और नृत्य के डिजिटल संगम संकटमोचन मंदिर परिसर में होता दिखाई दिया।संगीत समारोह के शुभारंभ में फेसबुक लाइव के जरिए संगीत रसिकों और हनुमान की भक्तों ने कोरोना के खतरे के मद्देनजर घर बैठकर ही समारोह का प्रसारण किया।
 हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संकट मोचन संगीत समारोह उतने ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ शुरू हो चुका है। बता दे कि 6 दिवसीय आयोजन 12 अप्रैल से 17 अप्रैल तक चलेगा जिनका प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से किया जाएगा।

समारोह के पहले दिन श्री गणेश लखनऊ घराने के प्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित राम मोहन और पंडित कृष्ण मोहन महाराज ने दिल्ली के अपने आवास से ही कार्यक्रम में जुड़कर अपनी प्रस्तुति दी।वहीं दूसरे क्रम में मुंबई से बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने भी डिजिटली जुड़कर अपनी अद्भुत प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर संकट मोचन मंदिर के महंत प्रोफेसर विशंभर नाथ ने संकट मोचन मंदिर में संगीत समारोह के डिजिटल संस्करण की शुरुआत की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि तुलसीदास जी ने 'विनय पत्रिका' में बिना राग की कोई चौपाई तक नहीं लिखी है। कोरोनावायरस के चलते हो सकता है कि इस बार हनुमान जी महाराज को अकेले संगीत सुनने का मन हो साथ ही उन्होंने कहा कि आयोजन हमारे लिए एक धार्मिक अनुष्ठान है जो हनुमान जी के निमित्त होता है।