एक राशन कार्ड से अब देश के किसी भी हिस्से में ले सकेंगे अनाज | एक राष्ट्र एक राशन कार्ड

केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बुधवार को कहा कि राशन कार्डधारक अपने कार्ड पर अब एक बार में  6 महीने का अनाज ले सकेंगे।  उन्होंने कहा कि देश में अनाज के उपलब्ध भंडार को देखते हुए सभी राज्यों को यह निर्देश जारी कर दिए गए है। अभी राशन कार्ड पर केवल 2 महीने का एडवांस अनाज मिलता है लेकिन अब  6 महीने का राशन ले सकते है |

केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बुधवार को कहा कि राशन कार्डधारक अपने कार्ड पर अब एक बार में  6 महीने का अनाज ले सकेंगे।  उन्होंने कहा कि देश में अनाज के उपलब्ध भंडार को देखते हुए सभी राज्यों को यह निर्देश जारी कर दिए गए है। अभी राशन कार्ड पर केवल 2 महीने का एडवांस अनाज मिलता है लेकिन अब  6 महीने का राशन ले सकते है | अभी तक सिर्फ पंजाब सरकार ही छह महीने का एकमुश्त अनाज लेने की सुविधा देती है। पासवान ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए  ये जानकारी दी कि इस कि समय सरकारी गोदामों में  पर्याप्त अनाज है, अभी कुछ मात्रा में गेहूं को खुले में रखा गया है। ऐसे में एकमुश्त ज्यादा अनाज उठने से गोदामों पर दबाव कम होगा । पासवान ने यह भी कहा कि सरकार के पास अभी 435 लाख टन अतिरिक्त अनाज है। इसमें 272.19 लाख टन चावल और 162.79 लाख टन गेहूं है जबकि  अप्रैल में पीडीएस की जरूरत करीब 135 लाख टन चावल और 74.2 लाख टन गेहूं की है। सरकार के पास पर्याप्त आपूर्ति है।पासवान ने सभी राज्यों से कहा कि वे चाहें तो एडवांस में अतिरिक्त अनाज उठा सकते हैं।

पासवान ने "एक राष्ट्र एक राशन कार्ड"  के शुरूआत की भी बात की |  उन्होंने कहा 16 राज्यों में इसकी शुरुआत की जा चुकी है और पूरे देश में इसे एक जून तक लागू कर दिया जाएगा।  "एक राष्ट्र एक राशन कार्ड"  लागु होने के बाद  कार्ड धारक  देश के किसी भी हिस्से में रहने के दौरान अपने कार्ड से राशन ले सकते हैं| उन्होंने बताया कि  देश में राशन कार्ड के लाभार्थियों की संख्या 81 करोड़ है जिन्हें दो रूपये प्रति किलोग्राम गेहूं और तीन रूपये प्रति किलोग्राम चावल दिया जाता है। सरकार  610 लाख टन अनाज  जनवितरण प्रणाली के माध्यम से कार्ड धारकों को  देती  हैं।  पासवान के मुताबिक  पुरे देश में करीब तीन करोड़ राशन कार्ड जाली पाए गए जिनमें से बिहार से 44,404 कार्ड जाली पाए गए और इन जाली कार्ड को निरस्त किए जाने पर सरकार को करीब तीन करोड़ रूपये की बचत हुई।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से  ना केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा, बल्कि रोजगार या अन्य वजहों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले गरीबों को सब्सिडी वाले राशन से वंचित नहीं होना पड़ेगा। इस बदलाव से एक से अधिक कार्ड रखने की संभावना भी खत्म हो जाएगी। सरकार के इस कदम से करीब  80 करोड़ से ज्यादा कार्ड धारको को फायदा मिलेगा |