एक मुहीम- कौशल विकास योजना

देश में बढती बेरोजगारी की समस्‍या को देखते हुए भारत सरकार द्वारा कौशल विकास योजना की  शुरूाआत  की गई| कौशल विकास योजना एक मुहीम है जिसे भारत के प्रधानमन्त्री “श्री नरेंद्र मोदी जी” ने शुरू किया था| इस मुहीम का  शुभारंभ 15 जुलाई सन 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय युवा कौशल दिवस पर नई नेशनल स्किल डेवलपमेंट और इंटरप्रेन्योरशिप के तहत लॉन्‍च किया गया था|

एक मुहीम- कौशल विकास योजना
एक मुहीम- कौशल विकास योजना

एक मुहीम- कौशल विकास योजना

देश में बढती बेरोजगारी की समस्‍या को देखते हुए भारत सरकार द्वारा कौशल विकास योजना की  शुरूाआत  की गई| कौशल विकास योजना एक मुहीम है जिसे भारत के प्रधानमन्त्री “श्री नरेंद्र मोदी जी” ने शुरू किया था| इस मुहीम का  शुभारंभ 15 जुलाई सन 2015 को अन्तर्राष्ट्रीय युवा कौशल दिवस पर नई नेशनल स्किल डेवलपमेंट और इंटरप्रेन्योरशिप के तहत लॉन्‍च किया गया था| नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने  देश को विकास की ओर अग्रसर करने के लिए कई योजनाओं  की शुरूआत की है| जैसे “डिजिटल इंडिया”, “मेक इन इंडिया”,  ‘स्किल इंडिया  मिशन|उसी तरह उन्होंने भारत के कौशल विकास के लिए “कौशल विकास योजना” का शुभारम्भ किया|  जिसमें स्पष्ट किया

                 

कि ये सरकार की गरीबी के खिलाफ एक जंग हैं और भारत का प्रत्येक गरीब और वंचित युवा इस जंग का सिपाही है।  साथ ही इस योजना का लोगो और टैग लाइन को भी प्रदर्शित  किया था। इस मुहीम के तहत सन 2022 तक भारत के लगभग 40 करोड़ लोगों को अलग – अलग कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है जिससे उन्हें रोजगार की प्राप्ति हो सके| प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना स्किल डेवलपमेंट की शुरुआती योजना है। मेक इन इंडिया के तहत बेरोजगारी की समस्‍या को देखते हुए इस योजना का आरंभ किया गया है। इस योजना का लक्ष्‍य है कि देश से गरीबी को दूर किया जाए। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में विस्‍तार से जानते हैं ।

क्या है प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का मुख्‍य उद्देश्‍य  देश में सभी युवा वर्ग को संगठित करके उनके कौशल को निखार कर उनकी योग्‍यतानुसार रोजगार देना है। इस योजना के अंतर्गत पहले वर्ष में 24 लाख वर्कर्स को शामिल किया जाएगा इसके बाद 2022 तक यह संख्‍या 40.2 करोड़ ले जाने की योजना है। इसके अलावा इस योजना से लोग अधिक से अधिक जुड़ सकें इसके लिए युवाओं को लोन प्राप्‍त करने की भी सुविधा है। लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए सरकार ने कई टेलीकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिए अपने साथ जोड़ रखा है। यह मोबाइल कंपनियां मैसेज के द्वारा इस योजना को सभी लोगों तक पहुंचाने का कार्य करती हैं। भारत के 1 करोड़ भारतीय युवाओं को 2016-2020 तक प्रशिक्षित करने का लक्ष्‍य रखा गया है।।

कैसे जुड़े इस योजना से

इस योजना से जुड़ने के लिए आपको इन 7  निर्देशों का पालन करना होगा -

1. सबसे पहले आपको कौशल विकास योजना की ऑफिसियल वेबसाइट http://pmkvyofficial.org/ पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म जमा करना होगा।

2. आवेदन फॉर्म में आपको  अपनी पूरी डिटेल भरनी होगी, जैसे  नाम,पता, आधार नंबर,और अपने पसंद का तकनिकी विषय भरनी होगी।  

3. फॉर्म भर जाने के बाद आवेदक को अपने पसंद के जिस तकनीकि क्षेत्र में वह ट्रेनिंग लेना चाहता है उसका चयन करना होगा।

4. सारी जानकारी भरने के बाद ट्रेनिंग सेंटर का चयन करना होगा।

5. ट्रनिंग सेंटर चुनने के बाद आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा।

6 .इसके बाद ,इस योजना से जुड़ी मोबाइल कंपनियां योजना से जुड़े लोगों को मैसेज करके एक फ्री ट्रोल नंबर देंगी जिस पर कैंडिडेट को मिस कॉल देना होगा|

 

7. मिस कॉल के तुरंत बाद आपके पास एक नंबर से फोन आएगा जिसके बाद आप आईवीआर (IVR) सुविधा से जुड़ जाएंगे।, इसके बाद कैंडिंडेट को अपनी जानकारी भेजनी होगी|

 

जिसके  बाद आपके द्वारा भेजी गई जानकारी कौशल विकास योजना के सिस्‍टम में सुरक्षित रख ली जाएगी। यह जानकारी मिलने के बाद आवेदनकर्ता को उसी के क्षेत्र में यानी कि उसके निवास स्‍थान के आस-पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ा जाएगा। जहां से आपको पूरी जानकारी दी जाएगी।

ट्रेनिंग के लिए फीस -

इस योजना के अंतर्गत उम्‍मीदवार को निशुल्का ट्रैंनिंग दी जाएगी | योजना के अंतर्गत उम्‍मीदवार  का जो भी खर्च होगा उसके पैसे सरकार देगी और वो पैसे सीधा ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनिंग सेंटर के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने कुछ नियम भी बनाए हैं जिसके अंतर्गत हर उम्‍मीदवार का आधार वैलिडेशन होना जरुरी है।

आवेदन लिए योग्यता -

1. इस योजना से जुड़ने के लिए सबसे पहले आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए ।

2. आवेदक ग्रेजुएशन या फिर 12 वीं पास होना चाहिए |

2. आवेदक को किसी एक स्‍कीम के तहत एक साल के लिए पंजीकरण कराने की आवश्‍यकता होगी।

3. जो युवा नौकरी करने के योग्‍य हों वो इस कौशल विकास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

4.  ट्रेनिंग पूरी हो जाने के बाद सरकार द्वारा तय  सारा रिवॉर्ड और सर्टिफिकेट एक बार में ही दे दिया जाएगा।

आवेदन करने के लिए दस्‍तावेजों की आवश्‍यकता-

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत नौकरी या ट्रेनिंग करने के लिए दस्‍तावेजों की आवश्‍यकता होती है-

1  आधार कार्ड ,

2  पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ,

3  परिवार के किसी एक सदस्‍य का आधार कार्ड

इस योजना का लक्ष्‍य

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शब्दों में, “कौशल विकास योजना, केवल जेब में रुपये भरना ऐसा नहीं है, बल्कि गरीबों के जीवन को आत्मविश्वास से भरना है।”

इस योजना का मुख्य उद्देश्य 

1.      गरीबी के कारण जो बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं उनके अन्दर छिपे कौशल को विकसित करना है।

2.       गरीबों और गरीब नौजवानों को संगठित करके उनके कौशल को सही दिशा में प्रशिक्षित करके गरीबी का उन्मूलन करना है | 

3.       गरीब लोगों के परिवारों तथा युवाओं में नया सामर्थ भर के आगे बढ़ने का आत्मविश्वास लाना तथा देश में नयी ऊर्जा लाने का प्रयास करना है।

4.       सभी राज्यों और संघ राज्यों को संगठित करके आई.आई.टी. की इकाईयों के माध्यम से दुनिया में स्वंय को स्थापित करना है।

5.       भारत की लगभग 65% जनसंख्या जिनकी आयु 35 वर्ष से कम है, उनको वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिये कौशल एंव अवसर प्रदान करना है।

6.     देश के युवा और नौजवानों के लिये रोजगार उपलब्ध कराने के लिये उन्हें रोजगार के योग्य बनाने के लिये पूरी एक व्यवस्था के निर्माण को देश की प्राथमिकताओं में शामिल करना है।

7.       विश्व के रोजगार बाजार का अध्ययन करके उसके अनुसार देश के युवाओं को प्रत्येक क्षेत्र में आज से ही कुशल बनाना है।

8.       देश के युवा  गाड़ी चलाना, कपड़े सिलना, अच्छी तरह से खाना बनाना, साफ-सफाई करना, मकैनिक का काम करना, बाल काटना, आदि को परंपरागत रुप से जानते हैं, उसके उस कौशल को निखारकर व प्रशिक्षित करके उस व्यक्ति के कौशल को सरकार द्वारा मान्यता प्रदान करना है।

9.       कौशल विकास के साथ उद्यमिता और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है ।

10.   सभी तकनीकी संस्थाओं को विश्व में बदलती तकनीकी के अनुसार गतिशील बनाना है ।

इस योजना का लक्ष्‍य 2022 तक भारत के लगभग 40 करोड़ गरीब युवा जो गरीबी के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं उनके अन्दर छिपे कौशल को विकसित कर  उन्हें रोजगार की प्राप्ति करा सके और गरीब परिवारों के युवाओं में नया सामर्थ भर ,उनमें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास जगा कर देश में नयी ऊर्जा लाने का प्रयास करना है।