देश भर में मंहगाई के मार झेल रही जनता | मुद्रास्फीति की दर में वृद्धि | ZNDM NEWS |

देश भर में मंहगाई के मार से  लोग पीड़ित हैं| आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था के हालात ठीक नहीं चल रहे हैं| सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फारवरी के महीने में सब्जियों की कीमत पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी बढ़ी है|

देश भर में मंहगाई के मार से  लोग पीड़ित हैं| आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था के हालात ठीक नहीं चल रहे हैं| सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फारवरी के महीने में सब्जियों की कीमत पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी बढ़ी है| इससे ठीक एक महीना पहले यानि जनवरी  में सब्जियों की कीमत में 60 फीसदी का उछाल आया था| विशेषज्ञों के मुताबिक 50 से 60 परसेंट की बढ़ोतरी मामूली तो बिल्कुल नहीं है|

इसके अलावा दालों की कीमत में जनवरी-फरवरी  में करीब 17 फीसदी का उछाल आया है  दिसंबर में भी इसकी कीमत में जोरदार तेजी आई थी और कीमतें 15 फीसदी बढ़ी थीं मीट, मछली और अंडों की कीमतें जनवरी में करीब 11 फीसदी बढ़ीं|  ये सीजनल हो सकता है| पूरा फूड बास्केट फरवरी में करीब 14 परसेंट महंगा हुआ|  जनवरी  में भी महंगाई की दर इससे थोड़ी ज्यादा था| लेकिन गिरावट इतनी मामूली है कि इसमें राहत मिलने जैसी कोई बात नहीं है|
मतलब फिलहाल महंगाई की दर 68 महीने में सबसे ज्यादा है, इसी के साथ एक और आंकड़ा आया है जो बताता है कि दिसंबर के महीने में फैक्ट्री के उत्पादन में 0.3 फीसदी की कमी आई. मतलब जिस फैक्ट्री आउटपुट में रिकवरी का अंदाजा लगाया जा रहा था वो दूर-दूर तक दिख नहीं रहा है| इस फेज को टेक्निकल भाषा में स्टैगफ्लेशन कहते हैं- स्टैगनेशन (सुस्ती) और इनफ्लेशन (महंगाई). मतलब आमदनी बढ़ी नहीं है.

ऐसे  में महंगाई की चोट सबसे ज्यादा गरीबों पर पड़ी है| सरकारी आंकड़े बताते हैं कि गरीब परिवारों के कंजप्शन बास्केट का काफी बड़ा हिस्सा खाने-पीने के सामान ही होते हैं. उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा इसी में खर्च होता है. ऐसे में ऐसी महंगाई का सबसे बुरा असर इसी तबके पर पड़ता है|
हाल ही के दिनों में रेलवे का टिकट महंगा हुआ है, रसोई गैस की कीमत में भारी उछाल आया है, एफएमसीजी कंपनियों ने कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं| महंगाई दर पर आगे इसका असर भी पड़ने वाला है, एक ही राहत की बात है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल थोड़ा नरम पड़ा है, लेकिन उस हिसाब से अपने देश में डीजल-पेट्रोल फिर भी सस्ता नहीं हुआ है ताकि आम आदमी को राहत मिले|