कोरोना वायरस के कारण दवाओं के निर्यात पर भारत सरकार की रोक | ZNDM NEWS

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए मंगलवार को दो दर्जन से ज्यादा दवाओं के निर्यात पर रोक लगा दी। चीन से कच्चे माल के आयात में आयी कमी की आशंका के बीच यह फैसला लिया गया है। देश में दवाओं की आपूर्ति पर किसी तरह का संकट न आए इसलिए सरकार ने इनके निर्यात पर पाबंदी का कदम उठाया है।

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए मंगलवार को दो दर्जन से ज्यादा दवाओं के निर्यात पर रोक लगा दी। चीन से कच्चे माल के आयात में आयी कमी की आशंका के बीच यह फैसला लिया गया है। देश में दवाओं की आपूर्ति पर किसी तरह का संकट न आए इसलिए सरकार ने इनके निर्यात पर पाबंदी का कदम उठाया है।तत्काल रूप से लगी इस पाबंदी में दवाओं के औषधीय तत्व भी शामिल हैं।  डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने इसकी अधिसूचना जारी की।  दवाओं में पैरासिटामॉल, टिनिडाजॉल और निओमाइसिन समेत 26 दवा और औषधीय तत्वों पर रोक रहेगी। इसे आपात स्थिति से निपटने की तैयारी का बड़ा कदम माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण, भारतीय औषधि महानियंत्रक और राज्य सरकारों से दवाओं में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण रसायनों तथा दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। भारत  दवाओं को बनाने के लिए चीन पर निर्भर है और दवाओं को प्रोडक्शन के लिए चीन से एक्टिव फ़ार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंट्स (API) आयात करता है|  ये दवाइयां बनाने का कच्चा माल होता है| कोरोना वायरस फैलने की वजह से आयात और निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और एपीआई का आयात ना हो पाने की वजह से कई कंपनियों दवाओं के प्रोडक्शन में कमी आ रही है.

चीन से कच्चा माल न मिलने से बुखार की दवाओं से लेकर प्लास्टिक मैटेरियल्स , मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे हो गए हैं। हालांकि चीन को होने वाले निर्यात में रुकावट से जीरा, कपास जैसे उत्पादों के दाम गिर गए हैं। हिमाचल में दवा बनाने वाली कई कंपनियों ने कहा है कि उन्हें दवाओं के लिए कच्चे माल की तुरंत जरूरत है।

चार देशों के नागरिकों के वीजा रद्द किए गए
नागरिक विमानयन  मंत्रालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह पर तीन मार्च को या उससे पहले इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, जापान के उन नागरिकों को जारी नियमित वीजा और ई-वीजा निलंबित कर दिया है, जिन्होंने  अभी तक भारत में प्रवेश नहीं किया है। जिन लोगों के भारत की यात्रा  है, वे भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से सम्पर्क कर सकते हैं। इससे पहले चीन के नागरिकों को पांच फरवरी या उससे पहले जारी नियमित वीजा या ई-वीजा को निलंबित किया गया था। कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकार ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायरस से निपटने की तैयारियों की  समीक्षा की।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर बताया कि विभिन्न मंत्रालय और राज्य साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जो भारत आने वाले लोगों की जांच से लेकर तुरंत मेडिकल फर्स्ट एड  उपचार प्रदान करने के संबंध में है। उन्होंने यह भी लिखा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने लोगों को ईरान, इटली, दक्षिण कोरिया एवं सिंगापुर की अनावश्यक यात्रा करने  से बचने का सुझाव दिया है और कहा है कि वह ईरान और इटली से भारतीयों को निकालने के लिए दोनों देशों के संपर्क में है। कैबिनेट सचिव ने भी विभिन्न मंत्रालय, राज्यों और  स्वास्थ्य सचिवों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक की।