सीएम योगी ने की प्रवासी मजदूरों से की अपील, कहा पैदल न चलें, सरकार आपको घर पहुँचाएगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को टीम-11 के साथ बैठक के बाद श्रमिकों व कामगारों की वापसी को लेकर रणनीति पर चर्चा की। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा है कि "सभी प्रवासी कामगार व श्रमिक बहनों-भाइयों से अपील है कि जिस धैर्य का परिचय आप सभी ने अभी तक दिया है उस धैर्य को बनाए रखें, पैदल न चलें, जिस राज्य में हैं वहां की सरकार से संपर्क में रहें। आप सभी की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित राज्य सरकार से बात कर कार्ययोजना बनाई जा रही है।"

सीएम योगी ने की प्रवासी मजदूरों से की अपील, कहा पैदल न चलें, सरकार आपको घर पहुँचाएगी।

 

मुख्यमंत्री योगी ने अपने टीम-11 के साथ बैठक कर श्रमिकों व कामगारों की वापसी को लेकर रणनीति बनायीं है | देश के विभिन्न राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों एवं श्रमिकों को सुरक्षित घरों तक पहुंचाने के लिए राजस्व विभाग को उचित दिशा निर्देश भी दिया। उन्होंने 6 लाख लोगों के लिए क्वारंटाइन सेंटर, शेल्टर होम और कम्युनिटी किचन तैयार करने का निर्देश दिया। यूपी सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिख कर यूपी के कामगारों और श्रमिकों की विस्तृत ब्यौरा मांगा है। सभी का नाम, पता और मोबाइल नंबर के साथ ही मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी गई।

दरअसल , कोरोना संक्रमण के चलते इस वक्त समूचा देश लॉकडाउन का सामना कर रहा है। ऐसे में सबसे ज्याद प्रभावित तबका गरीब और मज़दूर संकट में है | ये लोग लगभग एक महीने से भी ज्यादा समय से सड़को पर भूखे प्यासे रहने को मज़बूर हैं| लॉक डाउन के पहले दिन इ मज़दूरों का पलायन जारी है | इस दौरान अलग-अलग राज्यों में रहने वाले हजारो मजदूरों को जब घर वापसी का कोई साधन नहीं मिला तो उन्होंने पैदल ही घर पहुंचने का रास्ता अपना लिया था। जिसमे से कुछ घर पहुंचे और कुछ रास्तों में ही फसे रह गए| हजारों लोगों के सड़कों पर आ जाने की वजह से सरकार की मुसीबत भी बढ़ गई थी।

 

 

ऐसे  में केंद्र सरकार ने शर्तों के साथ विस्थापित लोगों की घर वापसी की राह आसान की है|  गृह मंत्रालय ने भी बुधवार को नई गाइडलाइन जारी की। इसमें कहा गया कि दूसरे राज्यों में फंसे, श्रमिक, कामगार, पर्यटक और छात्रों को मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर निकाला जा सकता है|  बता दें, यूपी सरकार ने इसकी शुरुआत पहले ही कर दी थी। कोटा से छात्रों को निकलने के बाद प्रयागराज में फंसे प्रतियोगी छात्रों को भी उनके घर पहुंचाया गया है। केंद्र का आदेश मिलते ही सीएम योगी आदित्यनाथ  ने अन्य राज्यों में फंसे हुए कामगारों और श्रमिकों से अपील की है कि सभी लोग अपना धैर्य बनाए रखें और अपने घर लौटने के लिए पैदल न चलें।