चीन पे लगा कोरोना वायरस फ़ैलाने का जुर्माना -ब्रिटैन 6.5 ट्रिलियन डॉलर और अमेरिका ने 20 ट्रिलियन डॉलर का किया मुकदमा

ब्रिटेन के अखबार 'द संडे मॉर्निंग हेराल्ड' की एक रिपोर्ट के मुताबिक , द हेनरी जैकसन सोसाइटी ने दुनियाभर में कोरोना वायरस फैलाने के आरोप में चीन से हर्जाने की मांगने की अपील है. रिपोर्ट में जैकसन सोसाइटी के हवाले से लिखा गया है कि कोरोना फैलाने के लिए चीन पर अंतरराष्ट्रीय कानून (Complete News Below)

चीन पे लगा कोरोना वायरस फ़ैलाने का जुर्माना -ब्रिटैन 6.5 ट्रिलियन डॉलर और अमेरिका ने 20 ट्रिलियन डॉलर का किया मुकदमा
चीन पे लगा कोरोना वायरस फ़ैलाने का जुर्माना -ब्रिटैन 6.5 ट्रिलियन डॉलर और अमेरिका ने 20 ट्रिलियन डॉलर का किया मुकदमा

चीन पे लगा कोरोना वायरस फ़ैलाने का जुर्माना -ब्रिटैन 6.5 ट्रिलियन डॉल और अमेरिका ने 20 ट्रिलियन डॉलर का किया मुकदमा  


चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है आलम ये है की पूरी दुनिया lockdown हो चुकी है। कोरोना का असर पूरी दुनिया की अर्थवस्था पे पड़ा है। जिसकी वजह से काफी देश चीन से नाराज है और चीन पर काफी इल्ज़ाम भी लगाए जा रहे है की चीन ने कोई परीक्षण के  दौरान कोरोना वायरस को जन्म दिया और कही ये इल्जाम लगाया जा रहा है की चीन ने शुरुवाती दौर में कोरोना वायरस की बात सबसे छुपाई। इसी बिच अब दुनिया के पावरफुल देश आवाज उठाने लगे है हाल ही में  ब्रिटेन के थिंक टैंक ने चीन पर घातक वायरस फैलाने पर कानूनी कार्रवाई और मुकदमा करने के लिए 10 संभावित कारण बताए हैं|


ब्रिटेन के अखबार 'द संडे मॉर्निंग हेराल्ड' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, द हेनरी जैकसन सोसाइटी ने दुनियाभर में कोरोना वायरस फैलाने के आरोप में चीन से हर्जाने की मांगने की अपील है. रिपोर्ट में जैकसन सोसाइटी के हवाले से लिखा गया है कि कोरोना फैलाने के लिए चीन पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मुकदमा ठोंकना चाहिए और उससे कोरोना से हुए आर्थिक नुकसान की पूर्ति के लिए भारी हर्जाना वसूला जाना चाहिए|


द हेनरी जैकसन सोसाइटी ने बताया कि कोरोना से दुनियाभर के देशों में कम से कम 6.5 ट्रिलियन डॉलर (85,12,31,55,000.0 भारतीय रुपया) का आर्थिक नुकसान हुआ है, जो जी-7 देशों द्वारा वहन किया जा रहा है; क्योंकि लॉकडाउन के चलते इंडस्ट्रीज और बाकी काम बंद हैं. ऐसे में चीन से पूरा हर्जाना वसूला जाना चाहिए.रिपोर्ट में जोर देकर कहा गया है कि चीन की वजह से ऑस्ट्रेलिया पर भी दवाब बढ़ा है, क्योंकि आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित देश के 60 लाख लोगों के वेतन और पारिश्रमिक को बनाये रखने के लिए 130 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की|

इससे पहले कोरोना वायरस फैलाने के लिए अमेरिका भी चीन पर 20 ट्रिलियन डॉलर का मुकदमा कर चुका है |अमेरिकी कंपनी ने आरोप लगाया है कि चीन ने जानबूझकर यह वायरस छोड़ा है ताकि अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाया जा सके. अमेरिकी कंपनी ने दावा किया है कि चीन के वुहान शहर में वुहान वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट ने यह जैविक हथियार तैयार किया है. जिसमें चीन सरकार, चीनी सेना, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के डायरेक्टर शी झेनग्ली और चीनी सेना पर मेजर जनरल छेन वेई की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है|

आपको बता दे, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा की कि कोरोना वायरस वुहान से ही बाकी देशों में फैला, ये दावा बिल्कुल गलत है. इसका कोई आधार नहीं है. बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि कोरोना वायरस चीन के वुहान स्थित एक वायरोलॉजी लैब से एनिमल मार्केट में फैला, जो लैब से कुछ मीटर की दूरी पर ही है. इसके बाद ये पूरी दुनिया में फैल गया. चीन शुरुआत से इन खबरों को खारिज करता आया है|