लाकडाउन में सरकार भरेगी 100 से अधिक काम कर रहे कर्मचारियों वाले कंपनी के पीएफ

लाकडाउन के चलते देश को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए सरकार हर संभव प्रयाश कर रही है|  ऐसे में सरकार चाहती है कि लॉकडाउन के कारण कर्मचारियों की नौकरी न जाए | जिसको देखते हुए वो हर कंपनी का बोझ घटाने की तैयारी में है. इसके लिए सरकार अपनी तरफ से ज्‍यादा संस्‍थानों में उनके और कर्मचारियों के पीएफ की रकम जमा करेगी|

लाकडाउन में सरकार भरेगी 100 से अधिक काम कर रहे कर्मचारियों वाले कंपनी के पीएफ

 

इकनोमिक टाइम्स को मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि यह इकनॉमिक पैकेज का हिस्‍सा हो सकता है जिस पर सरकार अभी काम कर रही है | इस राहत पैकेज की घोषणा जल्‍द होने के आसार हैं | 26 मार्च को वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया था | इसमें सरकार ने कहा था कि वह उन सभी कर्मचारियों के पीएफ का कॉन्ट्रिब्‍यूशन अपनी तरफ से जमा करेगी जिनकी सैलरी 15,000 रुपये से कम है | यह उन कंपनियों पर लागू होगा जिनके कर्मचारियों की संख्‍या 100 तक है और जहां 90 फीसदी कर्मचारियों का वेतन महीने 15,000 रुपये से कम है | यह रियायत तीन महीनों के लिए थी | सरकार को अनुमान था कि इस कदम से उसके खजाने पर करीब 4,800 करोड़ रुपये का बोझ आएगा | कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन यानी ईपीएफओ के छह करोड़ से ज्‍यादा सब्‍सक्राइबर हैं | अधिकारी ने बताया कि नए प्रस्‍ताव में 100 कर्मचारियों की सीमा की शर्त में छूट दी जा सकती है | इस शर्त को भी हटाया जा सकता है कि 90 फीसदी कर्मचारियों की मासिक सैलरी 15,000 रुपये से कम हो |

मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया, ''ज्‍यादा संस्‍थानों को फायदा पहुंचाने के लिए 100 कर्मचारियों की सीमा को हटाया जा सकता है या फिर इसमें कर्मचारियों की संख्‍या में काफी बड़ी बढ़ोतरी की जा सकती है|''