ब्रिटैन ने किया दावा, कोरोना की वैक्‍सीन बनाने का कहा -80 % सफल होने की संभावना

पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर पेरशान है। और लगातार इसके मामले दुनिया भर में बढ़ते जा रहे है ऐसे में दुनिया के सभी देश कोरोना वायरस की  वैक्सीन बनाने में लगी है। पहले  चीन, अमेरिका, इजरायल के बाद अब ब्रिटेन और जर्मनी का भी नाम जुड़ गया है।

ब्रिटैन ने किया दावा, कोरोना की वैक्‍सीन बनाने का कहा -80 % सफल होने की संभावना

 

ब्रिटेन ने भी कोरोना की वैक्‍सीन बनाने के दावे के बाद अब इसका इंसानों पर टेस्‍ट शुरू कर दिया है। एएफपी के मुताबिक ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में इस वैक्‍सीन का टेस्‍ट किया जा रहा है। आपको बता दें कि इस वैक्‍सीन को बनाने वाले शोधकर्ता करीब एक महीने तक इसका क्‍लीनिकल टेस्‍ट करेंगे। इसके लिए ब्रिटेन के 200 अस्पतालों में करीब पांच हजार से ज्यादा लोगों पर इसका परीक्षण किया जाएगा। 

शोधकर्ताओं को उम्‍मीद है कि ChAdOx1 nCov-19 नाम से बनी ये वैक्‍सीन कोरोना मरीजों पर 80 फीसद तक सफल रहेगी। इससे जुड़े वैज्ञानिक ऐसा इसलिए भी कह रहे हैं क्‍योंकि इस वैक्‍सीन का जानवरों पर किया गया टेस्‍ट सफल रहा है। इस वजह से इस वैक्‍सीन को बनाने वाली टीम इसको लेकर काफी उत्‍साहित है। आपको बता दें कि पूरी दुनिया में इस वायरस की वैक्‍सीन बनाने के करीब 150 प्रोजेक्‍ट चल रहे हैं लेकिन क्‍लीनिकल टेस्‍ट की इजाजत केवल 5 देशों की वैक्‍सीन को ही मिली है।
इस टीके को चिंपाजी से प्राप्त हानिरहित वायरस से बनाया गया है। परीक्षण में शामिल हो रहे लोगों को 625 पाउंड देने की पेशकश की गई है। 500 लोगों परीक्षण का लक्ष्य है। इसके लिए कुल 1,112 वॉलेंटियर की जरूरत है। ऑक्सफोर्ड टीका परियोजना की प्रमुख प्रो. साराह गिलबर्ट कहा कि अगर परीक्षण सफल रहा तो उम्मीद है कि सितंबर तक 10 लाख डोज बना लेंगे। 

आपको बता दे ,भारत  में कोरोना के टेस्ट की रफ्तार बढ़ा  गई है। अब रोजाना 35000 टेस्ट हो रहे हैं. बुधवार तक देशभर में 5 लाख से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं. पिछले एक महीने में देश में टेस्ट की रफ्तार 33 गुना बढ़ी है. 23 मार्च तक 14,915 नमूनों का परीक्षण किया गया था. 22 अप्रैल को यह संख्या 5 लाख के पार पहुंच गई.