भारत को मिला इलेक्ट्रोस्टैटिक कीटाणुशोधन मशीन |

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए भारत के विभिन्न वैज्ञानिक इस वायरस से  सम्बंधित नए अविष्कारों में जुटे है,ताकि जल्द से जल्द इस समस्या से निजात पाया जा सके।इस बीच हाल ही में भारत के वैज्ञानिकों को इलेक्ट्रोस्टेटिक डिसइन्फेक्शन मशीन(Electrostatic Disinfection Machine) के रूप में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए भारत के विभिन्न वैज्ञानिक इस वायरस से  सम्बंधित नए अविष्कारों में जुटे है,ताकि जल्द से जल्द इस समस्या से निजात पाया जा सके।इस बीच हाल ही में भारत के वैज्ञानिकों को इलेक्ट्रोस्टेटिक डिसइन्फेक्शन मशीन(Electrostatic Disinfection Machine) के रूप में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जी हां केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) CSIO ने हाल ही में अपनी एक नई खोज पर सफलता हासिल की है जहां उन्होंने दवाओं के छिड़काव को तेज़ और ज्यादा प्रभावशाली बनाने वाले इलेक्ट्रोस्टेटिक डिसइन्फेक्शन नाम के मशीन की खोज की है।यह मशीन कोरोनावायरस के छोटे से छोटे कणों को ढूंढ कर नाश कर देगा।इस मशीन की खासियत है कि इसमें छिड़काव के लिए किसी भी दवा का उपयोग किया जा सकता है।साथ ही इस मशीन से 10 से 20 माइक्रोन आकार के सुक्ष्म द्रव कणों का छिड़काव कर सकते हैं।जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अस्पतालों,एयरपोर्ट,बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन आदि  जैसे सार्वजनिक जगहों कि सफाई के लिए किया जा सकता है जो इस विकट corona संकट में काफी मददगार साबित होगी। जी हां यह मशीन कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में काफी मददगार साबित होगी जब पूरी तरह सतह को कवर करने वाले इस मशीन से किण नाशक दवाइयों का छिड़काव पूरे देश में किया जाएगा। बता दें कि इस मशीन के साथ दवा का उपयोग भी लगभग आधा हो जाता है।

इस तर्ज पर सीएसआईओ के वैज्ञानिक डॉ. मनोज पटेल (Dr. manoj patel a scientist of csio)ने बताया कि मशीन से निकलने वाले द्रव कणों की स्पीड 110 मिलीमीटर प्रति मिनट है,जिसे जरूरत के हिसाब से बदला भी जा सकता है।साथ ही दूसरी मशीनों के मुकाबले यह मशीन बेहद छोटे और सामान आकार के द्रव कणों का छिड़काव भी कर सकती है।इसके इस्तेमाल से छिड़काव के बाद किसी भी वायरस के संक्रमण के सतह पर बचे रहने की संभावना लगभग ना के बराबर है।
 उन्होंने कहा कि इस मशीन का इस्तेमाल कोरोना के इस दौर में सैनिटाइजेशन (machine use against corona for sanitization )की प्रक्रिया के लिए किया जा सकता है यह इको फ्रेंडली है।साथ ही इसका असर हानिकारक सूक्ष्म जीवों पर 80% ज्यादा होता है। साथ ही उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रोस्टेटिक डिसइन्फेक्शन मशीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के लिए भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) को इसकी तकनीक सौंप दी गई है ताकि जल्द से जल्द इसका इस्तेमाल शुरू हो सके।