बेतरतीब खड़े वाहनों को देख , एसएसपी आगबबूला | वाराणसी ट्रैफिक पुलिस | ZNDM NEWS |

जाम के आलम से पूरा शहर परेशान है ट्रैफिक पुलिस तरह तरह के इंतेज़ाम कर के थक चुकी है लेकिन शहर  का ट्रैफिक व्यवश्ता है के पटरी पे आने का का नाम नहीं ले रही है | नया मामला एसएसपी की बेतरतीब ढंग इ खड़े वाहनों को  फटकार का है |  ट्रैफिक के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं ऑटो वाले और वाराणसी की जनता खुद है  |

जाम के आलम से पूरा शहर परेशान है ट्रैफिक पुलिस तरह तरह के इंतेज़ाम कर के थक चुकी है लेकिन शहर  का ट्रैफिक व्यवश्ता है के पटरी पे आने का का नाम नहीं ले रही है | नया मामला एसएसपी की बेतरतीब ढंग इ खड़े वाहनों को  फटकार का है |  ट्रैफिक के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं ऑटो वाले और वाराणसी की जनता खुद है  | पुरे शहर में बेतरतीब ढंग से  खड़े ऑटो रिक्शा , बाइक और दग्गा मर वाहन ट्रैफिक व्यस्था बिगड़ने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं | शहर में  एसएसपी हर रोज कहीं न कहीं जाम से रूबरू हो रहे है जिसपे उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई है |
लंका से रवीन्द्रपुरी रोड पर मनमाने ढंग से ऑटो खड़ा देख एसएसपी नाराज थे ही कि लहुराबीर चौराहे पर चेतगंज मार्ग, इधर क्वींस कॉलेज के गेट के पास, कबीर मार्ग पर ऑटो की कतार लगई  देख उनका गुस्सा और बढ़ गया | एसएसपी  ने  बेतरतीब खड़े वहनो को फटकार भी लगायी जिसके बाद  ऑटो रिक्शा सही ढंग से खड़े  हुवे मगर दो घंटे बाद फिर वही हाल हो गया | ट्रैफिक जाम की वजह से  पूरा शहर कराह रहा है  जाम में फंसे लोगों का दर्द प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर है। राहगीरों का कहना है  कि सड़कों पर जिस समय वाहनों का दबाव अधिक रहता है उसी समय बिजली, लोक निर्माण, नगर निगम को क्यों अपने अभियान याद आते हैं। अवकाश के दिन या फिर सुबह नौ बजे से पहले और रात में आठ बजे के बाद अभियान क्यों नहीं चलाते। जिला प्रशासन अगर सुबह या फिर रात में इस तरह के अभियान चलाए तो कम से कम सड़कों भयंकर पर जाम की समस्या तो नहीं रहेगी। चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल बेकार करोड़ों की लागत से सिटी कंट्रोल रुम तैयार हो गया। ट्रैफिक पुलिस ले बीते साल रिकार्डतोड़ चार करोड़ से अधिक जुर्माना भी जुटाया लेकिन व्यवस्था देने के नाम पर मामला निल बटा सन्नाटा है।
 बनारस के लागभग हर चौराहे पर ट्रैफिक जाम  मिल ही जाता है |  कैंट तिराहे पर इंग्लिशियालाइन मार्ग से लेकर नेहरू मार्केट के सामने तक ऑटो व ई-रिक्शा चालकों का कब्जा रहता है , बेतरतीब ढंग से ऑटो खड़े करनेके साथ ही अचानक  कही भी रुक कर सवारी बिठाने से छोटी छोटी दुर्घटना भी हो रही है है।
 
गौर तालाब है कि ऑटो रिक्शा को चौराहो से १०० मीटर  दूर रहने के आदेश को भी कोई नहीं मानता |एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने शुक्रवार को शिवपुर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गंदगी व दस्तावेजों के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर नाराजगी जताई। सफाई व्यवस्था सही करने का आदेश दिया। शिवपुर थाने के मेन गेट के सामने सीज वाहनों का कबाड़खाना देख एसएसपी नाराज हुए। वहां लोग कचरा फेंकने लगे हैं। उसके चलते जाम भी लगता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी  बनारस के दौरे पर जितनी बार आए, ध्वस्त यातायात व्यवस्था को लेकर जमकर नाराजगी जताए। मगर, मुख्यमंत्री की नाराजगी से ट्रैफिक पुलिस बेपरवाह बनी हुई है। नतीजतन, मुख्यमंत्री की मौजूदगी के बीच शहर का ऐसा कोई प्रमुख इलाका नहीं बचता  जहां राहगीरों को जाम से जूझना न पड़े |