कोरोना संकट काल में आया ख़ास किसानो के लिए ये

कोरोना महामारी में सबसे नुकसान हो रहा है। जिसे लेकर सरकार हर तरह से कोशिस कर रही है की सबको मदद पहुंचे और जितना हो सके डिजिटल ही सब काम हो ऐसे में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की लखनऊ स्थित लैब सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सब ट्रॉपिकल हॉर्टीकल्चर (CISH) ने किसानों के लिए एक मोबाइल एप....

कोरोना संकट काल में आया ख़ास किसानो के लिए ये

लॉन्च किया है। इस एप का नाम बागवानी मित्र एप है | यह एप कोरोना वायरस के चलते जारी लॉकडाउन के दौरान किसानों को काफी मददगार साबित हो सकता है | यह एप कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के भी बहुत काम का है |  इस एप की खास बात है यह है इसे बिना पढ़ा लिखा किसान भी आसानी से इस्तेमाल कर सकता है |

इकनोमिक टाइम्स के मुताबिक ,किसानो के लिए तैयार किया गया है ,इस एप्प में एक खास फीचर दिया गया है. यह फीचर से अगर किसान एक्सपर्ट से कुछ पूछना चाहते हैं तो उसे मैसेज टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. किसान जो कुछ बोलेगा वह टेक्स्ट में कनवर्ट हो जाएगा.एप विकसित करने वाले संस्थान यानी सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सब ट्रॉपिकल हॉर्टीकल्चर के डायरेक्टर शैलेन्द्र रंजन ने कहा कि यह एप ऐसे किसानों की भी पूरी मदद करने में सक्षम है जो बिना पढ़े-लिखे हैं. रंजन ने कहा कि यह एप किसानों को संदेश के साथ रोगग्रस्त पौधों की तस्वीरें भेजने की अनुमति देगा. इससे वैज्ञानिकों को सही बीमारी का पता लगाने और पहचानने में भी मदद मिलेगी. यह मोबाइल एप सामान्य कीटों, बीमारियों और दूसरी समस्याओं के साथ-साथ उनके नियंत्रण की भी जानकारी देगा. इस एप से किसानों को मौसम की जानकारी भी मिल सकेगी, जिसके मुताबिक वह अपनी फसलों की बुआई कर सकेंगे।