औरंगाबाद ट्रैन हादसे के चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल

कोरोना वायरस के चलते 22 मार्च से लॉक डाउन चल रहा है , 22 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सम्बोधन करते हुए कोरोना वायरस से बचने के लिए लॉक डाउन लगाने की अपील की थी , इसके बाद से ही मजदूरों का मुदा उठने लगा उनके घर वापसी को लेकर।

औरंगाबाद ट्रैन हादसे के चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल
औरंगाबाद रेलवे हादसा


 

लॉक डाउनके चलते देश के हरेक कोने में फसे मजदूरों की दिकत सबने देखी है। 3 मई के बाद से मजदूरों की दिक्तो को लेकर हवा तेज थी , उनसे पैसे लेने को लेकर  राज्य की सरकारों और पार्टी के बीच राजनीत अभी ख़तम नहीं हुई थी की उससे पहले कल सुबह क़रीब 6 बजे औरंगाबाद से दिल दहलाने वाली ख़बर आई , 16 मजदूरों की मौत की ये एक रेलवे पटरी पर सोये हुए थे ट्रैन से कुचलने से इनकी मौत हो गई ,  इस हादसे में तीन लोग बाल-बाल बच गए और एक घायल है। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
 
घटना के चश्मदीद ने जानकारी देते हुए बताया कि उसने अपने साथियों को आवाज दी थी कि ट्रेन तेज रफ्तार से आ रही है लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 20 मजदूरों का एक समूह महाराष्ट्र के जालना से पैदल मध्यप्रदेश में अपने गांव जा रहा था। ये सभी जालना की एक स्टील फैक्टरी में काम करते थे और कोविड-19 लॉकडाउन के कारण बेरोजगार होने के बाद लौट रहे थे।उन्होंने आराम करने की सोची और उनमें से ज्यादातर पटरियों पर लेट गए। उनमें से तीन पास स्थित खाली जगह में बैठ गए। उन्होंने कहा कि कुछ देर बाद इन तीनों ने मालगाड़ी को आते देखा और तुरंत चिल्ला कर सभी को आगाह किया, लेकिन वे सुन नहीं सके।''

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जीवित बचे तीनों लोग कुछ दूरी पर आराम कर रहे थे, उन्होंने चिल्ला-चिल्ला कर पटरियों पर सो रहे लोगों को उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि तब तक मालगाड़ी उनके ऊपर से गुजर चुकी थी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। 20 लोगों में से 16 की मौत हो गई, एक घायल हो गया और तीन लोग हमारे पास हैं। करमंड थाने में इस सिलसिले में मामला दर्ज किया जाएगा।

जो लोग सुरक्षित बचे हैं उनकी पहचान मांडला निवासी 20 वर्षीय इंदरलाल ध्रुवे, उमरिया निवासी 27 वर्षीय विरेंद्र सिंह गौर और शहडोल निवासी 27 वर्षीय शिवम सिंह गौर के रूप में हुई है। वहीं खजेरी निवासी सज्जन सिंह दुर्घटना में घायल हुआ है।


दुर्घटना में मारे गए श्रमिकों की पहचान शहडोल निवासी धनसिंह गोंड, निरलेश सिंह गोंड, बुद्धराज सिंह गोंड, रबेन्द्र सिंह गोंड, राजबोहरम पारस सिंह, धर्मेंद्र सिंह गोंड, श्रीदयाल सिंह, सुरेश सिंह कौल, संतोष नापित और बृजेश भेयादिन तथा उमरिया निवासी बिजेन्द्र सिंह, प्रदीप सिंह गोंड, नेमशाह सिंह और मुनीम सिंह के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 15वें व्यक्ति की पहचान अछेल सिंह के रूप में हुई है, जबकि 16वे व्यक्ति की पहचान नहीं हो पायी है।