अमेरिका ने की प्रवासियों की एंट्री बंद 60 दिनों के लिए -ग्रीन कार्ड अप्लाई करने वालो को लगा झटका -जानिए इस से भारत पर क्या पड़ेगा असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस महामारी के चलते अमेरिका में प्रवासियों को अस्थाई रूप से बंद करने के विशेष आदेश पर दस्तखत कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आदेश में हस्ताक्षर के बाद कहा कि हमने अमेरिकी कामगारों की रक्षा के लिए अमेरिका में इमिग्रेशन पर अस्थायी रोक लगा दी है।

अमेरिका ने की प्रवासियों की एंट्री बंद 60 दिनों के लिए -ग्रीन कार्ड अप्लाई करने वालो को लगा झटका -जानिए इस से भारत पर क्या पड़ेगा असर

ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद अगले 60 दिनों के लिए नए ग्रीन कार्ड जारी करने या वैध स्थायी निवास की अनुमति देने की प्रक्रिया पर रोक लग गई है। ट्रंप के नए आदेश के मुताबिक दूसरे देशों के लोग अभी अमेरिका में नौकरी के लिए नहीं जा पाएंगे।

हालांकि, इसका कोई असर न तो भारतीय आईटी पेशेवरों पर होगा और न ही छात्रों पर। ऐसा इसलिए क्योंकि यह घोषणा अमेरिका में प्रवासियों पर सीधे असर करेगी। छात्र और आईटी पेशेवर प्रवासियों की कैटेगरी में नहीं आते। उन्हें नॉन इमिग्रेंट के रूप में माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र और अन्य लोग अमेरिका के विकल्प के तौर पर कनाडा और ऑस्ट्रेलिया का रास्ता अपना सकते हैं।इस बारे में अमेरिका सहित कई देशों के लिए पेशेवर वीजा मुहैया कराने वाले अभिनव इमिग्रेशन सर्विसेस के चेयरमैन अजय शर्मा कहते हैं कि ट्रम्प के ट्वीट का मतलब पहले समझना होगा। दूसरी बात अमेरिका में प्रवासी या इमिग्रेंट वीजा में न तो छात्र आते हैं, न ही आईटी पेशेवर। इसलिए इन दोनों पर इस घोषणा का कोई असर नहीं होगा।
यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के अनुसार एच-1बी वीजा रजिस्ट्रेशन के लिए 2 लाख 75 हजार आवेदन मिले हुए हैं। इसमें से 67.7 फीसदी यानी करीब दो लाख आवेदन केवल भारत से हैं। हर साल अमेरिकी कंपनियों में विदेशी कर्मचारियों के लिए 85 हजार एच-1बी वीजा जारी किए जाते हैं।

कोरोना वायरस महामारी के चलते अमेरिका में रिकॉर्ड संख्या में छंटनी हो रही है और पिछले सप्ताह 2.2 करोड़ अमेरिकी नागरिकों ने बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदन किया है।